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बिहार क्रिकेट का सुनहरा अतीत।

बिहार का क्रिकेट राज्य विभाजन से पहले बहुत बेहतर स्थिति में था।

बिहार क्रिकेट संघ का गठन सन् 1935 ई में देश आजाद होने से पहले ही हो गया था। बिहार क्रिकेट संघ को भारत में क्रिकेट संचालित करने वाली संस्था बीसीसीआई के द्वारा 1936 ई में मान्यता मिली थी। 1936-37 के घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी में पहली बार बिहार की टीम ने कोलकाता के रेंजर्स मैंदान में बंगाल के खिलाफ खेला था हालाँकि बिहार उस मैंच में 8 विकेट से पराजित हुआ था।1975-76 सत्र में बिहार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुँची थी। जहाँ  फाइनल में बिहार को बंबई के हाथों जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में हार मिली थी।बिहार टीम से खेलकर कई खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए भी खेले।जिसमें रमेश सक्सेना ,रंधीर सिंह, सुब्रतो बनर्जी, सबा करीम व महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी शामिल थे।तो वहीं बिहार के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में हरि गिडवाणी, तारिक-उर रहमान, वी वेंकट राम, शेखर सिन्हा, अविनाश कुमार, राजीव कुमार जैसे दिग्गज क्रिकेटर खेले।तो वही अविभाजित बिहार क्रिकेट संघ का मुख्यालय जमशेदपुर में हुआ करता था । जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन होता था साथ ही पटना के मोईनुल हक स्टेडियम में भी अंतर्राष्ट्रीय मैचों का आयोजन होता था।इस तरीके से बिहार क्रिकेट का अतीत बेहद ही शानदार रहा है।

 

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